अपने ही रंग में तू मोहे रंग दे
कान्हा के रंग में कौन नहीं रंगना चाहता ये एक ऐसा रंग है जिसमे रंगने के बाद कोई और दूजा रंग नहीं भाता ---
श्याम रंग है भाया मोहे अपने ही रंग में रंग ले कान्हा ----- ऐ श्याम पुकारू तोहे बारम्बारआजा श्याम आजा श्यामदे जा मोहे तू अपना दीदारअपने ही रंग में तू मोहे रंग देदीवानी अपनी मोहे बना जामेरी आँखों में तू अपनाप्रेम समुन्द्र का जल छिड़का जामेरे हृदय सिंघासन पे आमोहे श्याम खुद बी खुद अपनी बनामैं न जानू कुछ भीज्ञान भक्ति वैराग्य कुछ भी न जानू श्यामजानू तो बस तेरा इक नाम जानूबस इतना ही जानूके तू हैं मेरा सचा सहारातू ही मेरा यार तू ही दिलदारतू ही तो हैं मेरा प्रीतम प्याराआजा न श्याम आजा
कान्हा के रंग में कौन नहीं रंगना चाहता ये एक ऐसा रंग है जिसमे रंगने के बाद कोई और दूजा रंग नहीं भाता ---
श्याम रंग है भाया मोहे अपने ही रंग में रंग ले कान्हा ----- ऐ श्याम पुकारू तोहे बारम्बारआजा श्याम आजा श्यामदे जा मोहे तू अपना दीदारअपने ही रंग में तू मोहे रंग देदीवानी अपनी मोहे बना जामेरी आँखों में तू अपनाप्रेम समुन्द्र का जल छिड़का जामेरे हृदय सिंघासन पे आमोहे श्याम खुद बी खुद अपनी बनामैं न जानू कुछ भीज्ञान भक्ति वैराग्य कुछ भी न जानू श्यामजानू तो बस तेरा इक नाम जानूबस इतना ही जानूके तू हैं मेरा सचा सहारातू ही मेरा यार तू ही दिलदारतू ही तो हैं मेरा प्रीतम प्याराआजा न श्याम आजा
